सोमवार, 13 अप्रैल 2026

प्रभावित

हमें किसी से प्रभावित होने की ज़रूरत नहीं क्योंकि हम जो हैं सो हैं। यही बात दूसरे पर भी लागू होती है। वह जो है सो है। किसी से प्रभावित होते ही उसकी कमियों को नज़रअंदाज़ कर देना पड़ता है। ऐसा लगता है उसने जो कह दिया ठीक ही है। जो किया कुछ सोचकर ही किया होगा। फिर हम भी वैसे ही होते जाते हैं और अपने होने को छोड़ देते हैं। प्रभावित होइये तो ख़ुद ही से होइये और अपने जीवन से जुड़े हर फैसले की एजेंसी ख़ुद लीजिए। 


किसी से प्रभावित न होने की वजह से और अपने से जुड़े सब निर्णयों को स्वयं ही लेने, उसके अच्छे-बुरे प्रभावों को स्वयं सहन वहन करने की प्रैक्टिस के कारण कहीं आप कुंदन ना बन जाएँ और लोग आपकी चमक से प्रभावित होकर आपसे प्रभावित होना शुरु न कर दें बस यही डर है। 


क्योंकि जब किसी से प्रभावित नहीं होना है, तो किसी को प्रभावित करना भी नहीं  है। 


क्या कहा? 

आप मेरी इस बात से बहुत प्रभावित हैं!!

बस मुझसे आकर मिलिये, और मुझे किसी अच्छे-से रेस्तराँ पर कॉफी पिलाने ले जाइए। 


प्रभावितों की प्रतीक्षा में रत

मैं


13 अप्रैल 2026

मंगलवार, 31 मार्च 2026

गोविंदा से गाँधी, बावर्ची तक

हीरो नंबर वन में जिस प्रकार नौकर बना गोविंदा नमस्कार को नमष्कार (या नमश्कार, जो भी कह लें, की फरक पैंदा) बोलता है न, उससे सच्ची में, मैं पुटऑफ हो गया। 


सोचा कि नौकर बीवी का देख डालूँ, पर वह तो महाबकवास फिल्म है। ऐसी ख़राब एडिटिंग है कि कहानी का सिर पैर ही पता नहीं चलता। 


उसे छोड़ा वापस हीरो नंबर वन पर आया कि एक ग़ुंडे से फिल्म में कहलवाया गया कि गांधी ने कहा है, कोई तुम्हारे एक गाल पर थप्पड़ मारे दूसरा गाल आगे कर दो।


मैंने देखा है कि आम जनता तो इई है, बहुत से आलिम फ़ाज़िल गांधी के नाम पर यह वाक्य चस्पा करते हैं।  


भाई, अगर आप भी यही मानते हैं तो मुझे बताने का कष्ट करें कि मोहनदास करमचंद गांधी नाम के शख़्स ने यह कब और कहाँ और किस संदर्भ में कहा था। 


ख़ैर जी, अब सोच रहा हूँ चाची 420 या राजेश खन्ना वाली बावर्ची देख डालूँ।


तुस्सी की कैहंदे ओ?


19 मार्च 2026

बुधवार, 25 फ़रवरी 2026

 25 February 2026

अंदर ही जब खड़का करै था,

डोला करै था बार के पास

हार्ट फेल अब काय कू होगा,

रखवाय दियौ जब यार कै पास